डाउन सिंड्रोम के बच्चे कैसे होते हैं?HealthPlanet

Posted on Mon 5th Dec 2022 : 16:22

डाउन सिंड्रोम में बच्चा अपने 21वें गुणसूत्र की एक्स्ट्रा कॉपी के साथ पैदा होता है. इसलिए इसे ट्राइसॉमी-2 भी कहा जाता है. यह एक जेनेटिक डिसॉर्डर (आनुवांशिक विकार) भी है. यह बच्चे के शारीरिक विकास में देरी, चेहरे की विशेषताओं में फर्क और बौद्धिक विकास में देरी का कारण बनता है.

डाउन सिंड्रोम के लक्षण

डाउन सिंड्रोम के लक्षण आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग होते हैं। हालांकि, इस विकार से पीड़ित व्यक्ति में आमतौर पर शारीरिक उपस्थिति लगभग-लगभग एक समान ही होती है जैसेः

आंखों का ऊपर उठा हुआ या फिर तिरछा हुआ दिखाई देना

जीभ का ज्यादा उभार होना

चेहरे का चपटा होना

कान, मुंह या फिर सिर का छोटा होना

पैदा होने के साथ ही छोटी गर्दन

छोटी उंगलियां

छोटे हाथ या पैर

मांसपेशी का खराब टोन

डाउन सिंड्रोम वाले बच्चों के विकास में देरी के कारण उन्हें बैठने, खड़े होने और चलना जैसी चीजों को सीखने में अन्य बच्चों की तुलना में अधिक समय लगता है। डाउन सिंड्रोम वाले बच्चों में आगे जाकर ये समस्याएं देखने को मिलती हैः

बच्चों को कोई भी चीज सीखने में ज्यादा समय लगता है।

ध्यान न देने की समस्या

बोलने में दिक्कत

फैसला लेने में हिचकिचाहट

हठ-जिद्द

जल्दी गुस्सा आ जाना

नींद न आने की समस्या

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info